ख्वाहिशे

जो अधूरी रह गई
वो ख्वाहिशे अब ना रही
रूसवाॅं हुई हमसे
हमारी उम्र जैसे बढती गई

करता रहा पूरी जिन्हे
थी ख्वाईशे अपनोंकी ही
इंतजार करती रही
पर ख्वाईशे अपनी सभी

मैं नही मायूॅंस मुझसे
पर मायूॅंस हैं ये ख्वाईशे
प्यासा रखा मैने उन्हे
बरसाई कहीं और बारिशे

मानता हूॅं गलती मेरी
ख्वाहिशोंको जो दी हवा
क्यो दिया उसको बढावा
मर्ज की जब ना थी दवा


२४-१२-२०१८

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